उन्हें अपनी जिंदगी बना लू - प्यारी सी मुलाकात
उन्हें अपनी जिंदगी बना लू - प्यारी सी मुलाकात


आज गुजर रहा था उनकी गलियों से 
और उनसे मुलाकात हो गई ।
उन्होंने हाल पूछा मेरा
मैंने कहा बीमार हूं दवा चाहिए ।।

और वो मुस्कुरा कर के बोली
एक बार सलिके से हमें देख लीजिए ।
उनके मुस्कुराने का असर 
मेरे सेहत पर ऐसा हुआ कि 
लोग पूछते हैं मेरे सेहत का राज ।।

तो आज भी मैं पता उनका बताता हूं 
एक दिलचस्प खेल चल रहा है ।
मेरे और उसके दरमियां 
मैं ऑनलाइन हमेशा ढूंढता 
और वह ऑफलाइन मेरी उसे खबर तक नहीं ।।

मेरी इस बेचैनी को देख
मेरा एक दोस्त बोला ।
कौन है वह कैसी है वह 
जिसे तू इतना याद करता है ।।

मैंने भी उसे हंस के बता दिया 
मासूम सा चेहरा और आंखों पर चश्मा ।
सच्ची सी मुस्कान, सॉफ्ट दिल 
और हर गम से अनजान 
यही तो है यार उसकी पहचान ।।

अब दिल तो बस यही चाहता है ।
कि मेरे पास आकर वह 
एक बार कहे कि सुना है आजकल 

तेरी मुस्कुराहट गायब हो गई है ।।




तू कहे तो फिर से तेरे करीब आ जाऊं 
और मैं कुछ ना कहूं ।
और उनको सीने से लगा लू
उन्हें अपनी जिंदगी बना लू।।